AVINASH SINGH THAKUR
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Member Joined Feb 6 2011
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BILASPUR
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jai shri ram mobile-:9827876700 kududand BILASPUR Post a CommentOops!The words you entered did not match the given text. Please try again. 5 CommentsLoading...
चलता रहा हु अग्निपथ पर..
चलता चला जाऊँगा हिन्दू बन कर जन्म लिया मैंने. .हिन्दू बन कर ही मर जाऊंगा श्री राम की संतान हूँ. रुकना मैंने सिखा नहीं महाकाल का भक्त हूँ झुकना मैंने सिखा नहीं ह्रदय में जो धड़क रहा है. वो धड़कन तेरे नाम का रगों में जो बह रहा है.. वो लहू है श्री राम का. जय राम जी की ।
?» 'शेर' कभी छूपकर
शिकार नही करते... बुझदिल कभी खुलकर वार नही करते... अरे ! हम तो है यौद्धा राजपुत कोम के,,, मरकर भी जो हार स्वीकार नही करते...॥
?» "उठो क्षत्रियो जागो तुम ; समाज की ये पुकार है !
एक साथ फिर जुट जाओ तुम; राणा की ललकारहै ....!! बरसोंसे की है हमने ; इस वतन की रक्षा......, त्याग और बलिदानों की है; विरासत में दीक्षा......, देश धरम हित देह त्यागकर, मिलाती है मुमुक्षा..., मिटटी पर मर मिटनेवाले ; हम ही सच्चे सरदार है ! एक साथ फिर जुट जाओ तुम; राणा की ललकारहै ....! ! ?» कुप्रथासे छेड़े जंग हम, यही मांगते है भिक्षा...., सबलता और एकता की ; है हमें तितिक्षा....., करनी है अब हम को ही ; संस्कृति की सुरक्षा..., भेदभाव को भुलाकर आओ; क्षात्र शक्ति का एल्गार है ....! एक साथ फिर जुट जाओ तुम; राणा की ललकारहै ....! !
फिर से ललकारें उठ जानेदो
एक बार फिर क्राँति हो जाने दो महाराणा फिर स्वच्छंद घूमेगा चेतक की टापो से आकाश गूँजेगा आज़ाद जी भी देश्द्रोहिओं को ललकारेगे हम भी आतंकियो को घर मेँ घुसकर मारेगे गुरु गोविन्द सिह को भीस्वाभिमान सिखानेदो एक बार फिर कुछ देशद्रोही कट जाने दो एक बार फिर राम मारेगे रावण को एक बार कंस को कृष्ण के हाथो कट जाने दो एक बार फिर ललकारें लगाने दो वन्दे मातरम |
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