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LOHADI

Posted by bsbaghel on January 13, 2015 at 1:00 PM

"लोहड़ी"

 

"लोहड़ी" की शुभकामनाएं

लोहड़ी का सबंध कई ऐतिहासिक कहानियों के साथ जोड़ा जाता है. इस से जुड़ी प्रमुख लोककथा बहादुर राजपूत योद्धा "दुल्ला भट्टी" की है. अकबर के शासन काल में, अत्याचार चरमसीमा पर था, मुग़ल सैनिक हिन्दू लड़कियों को बलपूर्वक उठा लेते थे और उन्हें अपने आकाओं को सौंप देते थे. उस समय बहादुर राजपूत योद्धा दुल्ला भट्टी ने अत्याचार के खिलाफ हथियार उठाया एवं अकबर के विरुद्ध संघर्ष प्रारंभ किया .

उस समय दुल्ला भट्टी नाम के राजपूत योद्धा ने ऐसी अनेकों लड़कियों को मुगलो से छुडाकर, उनका हिन्दू लड़कों से व्याह कराया और खुद उनका भाई बनकर कन्यादान किया. "दुल्ला" एक भट्टी राजपूत वंश के बहादुर योद्धा थे. वो अत्याचारियों के दुश्मन और आम जनता के रक्षक थे. वह मुगलो के अत्याचार के खिलाफ़ थे जिस्के कारण मुग़ल शासक उनको डाकू बताते थे.

एक मशहूर कहानी है कि - एक ब्राह्मण की दो बेटियों थी "सुंदरी" और "मुंदरी". उनकी सगाई हो चुकी थी, लेकिन इलाके का मुगल जागीरदार उनसे जबरन शादी करना चाहता था. उस मुगल शासक के डर से उनके भावी ससुराल वाले भी डरकर पीछे हट गए थे. ब्राह्मण और उसकी बेटियों ने जहर खाकर आत्मह्त्या करने का निर्णय ले लिया था.

जब दुल्ला को पता चला तो उसने, लड़के वालों को राजीकर, एक जंगल में आग जला कर सुंदरी और मुंदरी का व्याह करवाया. दुल्ला ने भाई बनकर खुद ही दोनों का कन्यादान भी किया था. उसके बाद दुल्ला ने ऐसी अनेकों लड़कियों को मुक्त करवाकर उनकी इज्ज़त और जान की रक्षा की तथा उनका भाई बनकर, उनकी शादी हिन्दू लडको से करवाई.

लोहड़ी के गीतों में लडकिया / महिलाए अपने भाई को सम्मान से "दुल्ला" भाई के रुप मे याद करती हैं.

इस त्यौहार के साथ वीर राजपूत योद्धा "दुल्ला भट्टी" की घटना के सम्बन्ध के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं. इस जानकारी के साथ, इस पर्व को पूरे हर्षोल्लाष के साथ मनाये और दान- धर्म का कार्य करते हुए जीवन को सफल बनाए.

बी एस बघेल



 


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