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MAHARANA PRATAP SPECIAL FEATURE

Posted by bsbaghel on March 24, 2014 at 7:15 AM

महाराणा प्रताप के संबंध मे कुछ रोचक जानकारीयां

 

* महाराणा प्रताप का वजन 110 किलो... और लम्बाई - 7'5'' थी

*महाराणा प्रताप के भाले का वजन 80 किलो था और कवच का वजन 80 किलो था

 कवच, भाला,ढाल,और हाथ मे दो मियां वाली तलवार का वजन मिलाने पर 207 किलो होता था

*महाराणा प्रताप की तलवार कवच आदि उदयपुर राजघराने के संग्रालय में सुरक्षित है

*अकबर ने घोषणा  किया था कि अगर राणा प्रताप मेरे सामने झुकते है तो

आधा हिंदुस्तान के वे वारिस होंगे ,केवल बादशाहत  अकबर की रहेगी

*हल्दी घाटी की लड़ाई में मेवाड़ की ओर से 20000 सैनिक लडे थे और अकबर कि ओर से 85000 सैनिक युध्ध में शामील हुए

* महाराणा प्रताप सोने चांदी और महलो को छोड़कर  20 साल तक मेवाड़ के जंगलो में घूमते रहे थे।

महाराणा ने जब महल का त्याग किया तब उनके साथ लोहार जाति के हजारो लोगो ने भी घर छोड़ दिया

और उनके साथ रहकर दिन रात महाराणा कि फ़ौज के लिए तलवारे बनायीं ।

इसी समाज को  गुजरात, मध्यप्रदेश और राजस्थान में गड़लिया लोहार कहा जाता है सादर नमन है ऐसे समाज को

*हल्दी घाटी के युद्ध के 300 साल बाद भी जमीन में तलवारे पायी गयी।

* आखिरी बार तलवारों का जखीरा 1985 मे हल्दी घाटी  में मिला था .

* महाराणा प्रताप को अस्त्र शस्त्र कि शिक्षा जयमल मेड़तिया ने दी थी ।

* महाराणा प्रताप ने  8000 राजपूतो को लेकर 60000 मुगलो से लडा था.

* युद्ध में 48000 सैनिक मारे गए थे जिनमे 8000 राजपूत और 40000 मुग़ल थे .

*महाराणा प्रताप के देहांत पर अकबर भी रो पडे थे .

*मेवाड़ के आदिवासी भील समाज ने हल्दी घाटी में अकबर कि फ़ौज को अपने तीरो से रौंद डाला था

वे राणाप्रताप को अपना बेटा मानते थे और राणा जी बिना भेद भाव के उन के साथ रहते थे

आज भी मेवाड़ के राज चिन्ह मे एक ओर राजपूत है तो दूसरी ओर भील

*राणा का घोडा चेतक महाराणा को 26 फीट के नाला को एक छलांग मे पार करने के बाद वीर गति को प्राप्त हुआ।

* चेतक एक टांग टूटने के बाद भी नदी को पार कर गया। जहा चेतक घायल हुआ वहॉ  खोड़ी इमली नाम का पेड़ है

* जहा महाराणा प्रताप के घोड़े चेतक मरा वहां हल्दी घाटी में चेतक का मंदिर है।

* राणा का घोडा चेतक भी बहुत ताकतवर था उसके मुह के आगे हाथी कि सूंड लगाई जाती थी

* चेतक और हेतक नाम के दो घोड़े थे

* मरने से पहले महाराणा ने खोया हुआ 85 % मेवाड फिर से जीत लिया था

* मेवाड़ राजघराने के वारिस को एक लिंग जी भगवान का दीवान माना जाता है।

* अकबर को अफगान के शेख रहमुर खान ने कहा था अगर तुम राणा प्रताप और जयमल मेड़तिया को अपने साथ मिला लोगे,   तो तुम्हे विश्व विजेता बनने से कोई नहीं रोक सकता पर इन दोनों वीरो ने जीते जी कभी हार नहीं मानी।

* महाराणा प्रताप एक ही झटके में दुश्मन सैनिक एवं सैनिक के घोडा को काट डालते थे

* जब अब्राहम लिंकन भारत दौरे पर आ रहे थे तब उन्होने अपनी

माँ से पूछा कि हिंदुस्तान से आपके लिए क्या लाना है ।

तब उनकी माँ का जवाब मिला "

उस महान देश की वीर भूमि हल्दी घाटी से एक मुठ्ठी मिट्टी लेकर आना जहां का राजा अपने प्रजा के

प्रति इतना वफ़ादार था  जिसने आधे हिंदुस्तान के बदले अपनी मातृभूमि को चुना "

बद किस्मती से उनका वह दौरा रदद्ध हो गया था।

"बुक ऑफ़ प्रेसिडेंट यु एस ए ' ( Book of President USA)

*छत्रपति शिवाजी भी मूल रूप से मेवाड़ से तालूक रखते थे वीर शिवा जी के पर दादा उदयपुर महाराणा के छोटे भाई थे

 

 

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