डां. रमन सिंह
                       मुख्यमंत्री छत्तीसगढ
   15 अक्टूबर जन्म दिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं



यथार्थ सिंह बघेल
आ. बी. एस. बघेल
श्रीमती सुनीता बघेल
राजनांदगां


रायल किड्स कांन्वेट राजनांदगांव मे
सत्र 2014 - 15 मे ICSE Exam 
12 वीं गणित मे

सर्वाधिक अंक प्राप्त करने पर
13 अगस्त 2016
को सम्मानित
किया गया

!!!  राजपूत क्षत्रिय महासभा छत्तीसगढ़ रहटादाह मे आप सब का स्वागत है !!!

राजपूताना रीति  - रिवाज , संस्कृति का पालन एवं  राजपूत होने का हमे गर्व है . राजपूत क्षत्रिय महासभा

छत्तीसगढ़  का वेबसाईट बनाने  का मुख्य उदेश्य सभी  राजपूतो  को एक साथ आपस में जोड़कर रखना  है,

आने वाली पीढ़ी में राजपूताना संस्कृति विद्यमान रहे इसलिये हमें मिलजुल कर संयुक्त  प्रयास करना होगा,

हमारे इस प्रयास में आपभी सहभागी बने एवं अपने सभी राजपूत रिश्तेदारों,मित्रो को जो Facebook, Orkut, Yahoo जैसी सोसल नेट्वर्किंग वेबसाईट के उपयोगकर्ता है , उन सबको इस वेबसाईट मे आमंत्रित करे .आपके अपने इस वेबसाईट का  सभी राजपूतो को सदस्य  बनने के लिये आमंत्रण भेजे और अपने फोटो, विडियो, ब्लोग, कवितायें और अच्छे सुविचार भेजे जिससे एक दुसरे को समझने में आसानी हो.

आपके सुझाव का हमें इंतजार है ......,

माननीय डा. रमन सिंह मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ द्वारा धरोहर  का  विमोचन

संविधान संशोधन  विचार आमंत्रित 
Samachar (News)
राजपूत क्षत्रिय महासभा छत्तीसगढ़ रहटादाह का संविधान पढ़ने / डाउन लोड करने यहां क्लिक करे (constitution)
महासभा की वेब साईट लोकार्पित

Rajpoot Kshatriya Mahasabha Chhattisgarh, was established on 5th March 1965 at Kotgaon (Bagicha). the Mahasabha was formed with a view to organise all the Rajpoots from Chhattisgarh region under one banner. The notion was and still is to develop the the community in all aspects specially Physically, Mentally Spiritually and Morally, The Members and their families be well educated and cultured, and economically well established with a sense of Patriotism.

Another main objective was to eradicate some ill customs prevailing at the time in the society and to give equal rights to women of the society.

 The Mahasabha has come a long way since its establishment, it has completed 50th golden years and has seen great changes. it has succeeded and almost all of its objectives, still the Mahasabha is working for the betterment of its member Rajpoots.

The Mahasabha has been organising Samhuhik Vivah since last 8 years, which has been a grand success and being praised by all the Members and other communities in the region.

The Mahasabha has plans of opening hostels at Education Centers for Students from remote area of the region at a very little and affordable fees to facilitate their studies without a burden on their families.